शनिवार, 21 जनवरी 2017

भारतीय सभ्यता -संस्कृति का सफरनामा [Rachana - by shriram tiwari]



  पाषाण युगीन बर्बर कबीलाई समाजों के,

 आदिम साम्यवादी स्वरूप का उदयगान ।

  सिंधु घाटी सभ्यता का प्राकृतिक विध्वंश , 

  मध्य एशियाई विस्थापितों का महाप्रयाण ।।

  भारोपीय सभ्यता संस्कृति का बीजांकुरण,

  आर्य द्रविड़ पार्वत्य जनजातिय सहउत्थान ।

  पूर्व वैदिक कालीन सभ्यता का उषाकाल ,

  आर्यसभ्यता का उत्कर्ष ऋक यजु समष्टिगान  ।।


 धनवंतरी च्यवन चरक-सुश्रुत कृत आयुर्वेद ,

 ऋषभदेव का असि -मसि-कृषि विकासगान ।

 
  शुक्राचार्य  शिवि दधीच मारीचि वैश्रवण भृगु,

  अंगिरा वशिष्ठ व्यास मनु अगस्त कण्व विद्वान ।


  आरण्यक उपनिषद दर्शन स्मृति वेदांतनामा ।

  उत्तरवैदिक सभ्यता के उत्कृष्ट अकाट्य प्रमाण ,



  सतपथ,गोपथ ,एतरेय,तैतरीय ईश  तथ्यान्वेषण,

  कार्य-कारण सिद्दांत और  ब्रह्म सूत्र अनुसन्धान।।


  सोSहम-अहंब्रह्मास्मि-'सत्यमेव जयते' उद्घोष ,

 'कृण्वन्तो  विश्वम आर्यम' ब्रह्मांड व्यापी सामगान ।
 

  कार्य-कारण  सिद्धांत विभिन्न भाष्य  दर्शन सूक्त ,

 'उदार चरितानाम  तु वसुधैव कुटुम्बकम का गान ।।


   देव दानव संघर्ष  द्वंद पुरुष-प्रकृति अंतर्द्वंद अध्यात्म,

   ज्ञान विज्ञानमय वाङ्ग्मय  मिथ-पुराण देवासुर संग्राम


   मार्क्स का द्वंदात्मक सिद्धांत बनाम सनातन धर्म सिद्धांत ,

  समुद्रमत्स्य कच्छप ,अर्द्धथल बाराह,थल वामनउपनाम ।


 आदिम युगीन हिंसक पशुतुल्य अर्धमानवतुल्य उग्र क्रोधी

  नरसिंह अवतार और प्रतिशोध के लिए परशुरामअवतार।।


  रामायणकालीन उन्नत मानव  रघुवंश सदृश्य नीति निर्धारक,

  धीरोदात्त चरित्र  संस्थापन मर्यादा पुरषोत्तम श्रीराम अवतार।


   सूर्यवंश,चन्द्रवंश, यदु-जदू-कुरु -पुरुवंश गल्प श्रुति आख्यान ,

   महाभारत कुरुक्षेत्र गीता -ज्ञान -कर्म सांख्ययोग श्रीकृष्णावतार।।



 शापित परीक्षित निधन - जनमेजय का प्रतिशोध नागयज्ञ , 

 निष्ठुर नियति  निर्मम संक्रांतिकालीन सत्ता विध्वंश अपार ।।



पुरातन क्षत्रियकुल रीति-नीति विलुप्त घोर अनैतिकता

मनुस्मृति सृजन ,नवीन आचार संहिता सृजन लोकाचार ।


भारत  'बुद्धम शरणं गच्छामि'दिग्भर्मित जन- अकर्मण्यता,

महावीर का अहिंसा अनेकान्तवाद स्याद्वाद अपरम्पार ।।


मगध नन्दवंश का अमानवीय कदाचरण, प्रमाद- विलासिता ,

चंद्रगुप्त -चाणक्य का त्याग -तपस्या, राष्ट्र नव- निर्माणनामा।   

इंडो -यूनानी सभ्यताओं का संगम, मेगास्थनीज इंडस सृजन  ,

चन्द्रगुप्त मौर्यका फिलिप्स -सेल्युकस पर महाविजयनामा।।



 रक्तपिपासु चण्ड अशोक का 'बुद्धम शरणम गच्छामि' होना ,

 कलिंगविजय ,भिख्खु -धम्मचक्र प्रवर्तन ,वैश्विक प्रचारनामा। 

 तथागत सन्देश बौद्धदर्शन-संघवाद भिख्खुवाद पथ विचलन , 

बौद्धकालीन स्तूप आलेख साक्षी, द्वंद  हीनयान-महायान नामा।।    

 गुप्तकालीन क्षत्रिय राजवंशों का उदय-ब्राह्मणोचित अवदान,

 विष्णुगुप्त -स्कंदगुप्त -चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य  शौर्यादित्यनामा।

 धर्म-दर्शन,मत -पन्थ पाखण्ड प्रेरित अनाचार व्यभिचार अत्याचार   ,

 आदिशंकराचार्य की हुंकार दिग्विजय अद्वैत दर्शन वेदांतनामा।।

 


शक हूण कुषाण तोरमाण यवन नवागन्तुक यायावर कबीले ,

भारतीय 'सनातन संस्कृति' का सर्वस्वीकारोक्ति सिद्धांतनामा। 

पारसी यहूदी  ईसाई यूनानी, अरबी मजहबों का 'हिन्द'आगमन ,

आर्यावर्त भारतवर्ष जम्बूदीप भरतखंडको मिला 'हिन्दुस्ताननामा।।

भारतीय जनता की 'अतिथि देवोभव' स्नेहिल  शरणागत वत्सलता ,

जैन-बौद्ध दर्शन प्रणीत 'अहिंसा परमोधर्म' का उदारचरितनामा।

देशी सामन्तों का विलासितापूर्ण जीवन ,पौरूष विहीन अहंकार ,

और क्रूर कपटी- विदेशी भूँखे भेड़ियों का जघन्य  प्रति घातनामा।।

कासिम, गजनवी, गौरीका रक्त पिपासु बहशी विध्वंशकअभियान  ,

 जयचन्द की गद्दारी व पृथ्वीराज चौहान का गौरी -परोपकारनामा।

  यवन अरब गुलाम ऐबक खिलजी  तुगलक तुर्क हब्शी तथा उजबेग  ,

  खण्ड-खण्ड बिखरे हुए भारत पर बर्बर कबीलोंका हमलावरनामा।।


  कज्जाक, अफगान,लोधी ,मुगल-पठान ,मंगोल -तातार,पिंडारी ,

  लूटते रहे भारतका धन ,नारियोंकी अस्मत, लगाया जजियानामा।

  बनाये जिन भारतीय मजदूरों ने किले ,इमारतें, मजारें और महल ,

  काट दिए गए उनके हाथ ,इतिहास का कडुवा सच कबूलनामा।।

  दमिश्क,बग़दादमें औकात नहीं थी जिनकी खानसामा बननेकी भी  ,

   छल से बन गए दिल्लीश्वर भारत की छातीपर लिख गए बाबरनामा।


  दुर्दांत  बाबर के वंशज भारतकी छाती पर हिन्दू 'काफिरों'के लहु से

 लिखते चले गए हुमायूँ नामा-अकबरनामा और जहांगीरनामा।।

  अय्यास मुगलों ने ही दिया पट्टा लुटेरे पुर्तगालियों डचों अंग्रेजों को,

  जिसकी बदौलत ईस्ट इण्डिया कम्पनी ने लिख दिया तिजारतनामा।।

  १८५७ के प्रथम स्वाधीनता संग्राम में हिन्दू -मुस्लिम एक हो गए तो ,

  'डिवाइडेड एन्ड रूल्स ' से बाँटा गया,लागू हुआ विक्टोरिया नामा।

 


 

  बंग-भंग नामा,नरसंहार- जलियाँवालाबाग़ नामा ,

  कांग्रेस ,गाँधी,,नेहरू,पटेल, मौलानाआजाद नामा,

  सुभाष ,भगतसिंह, राजगुरु,सुखदेव,आजाद नामा ,

  ब्रिटिश गवर्नमेंट ,माउन्टवेटन- जिन्ना  इकरारनामा,

   एक ही धरती पर तीन-चार देश क्रूर विभाजन नामा,

   साम्प्रदायिक  तत्वों द्वारा अमानवीय कत्लेआम नामा,

   गांधी को गोली मारकर लिखा नाथूराम ने गोडसेनामा ,

   आधी-अधूरी आजादी और पँ नेहरू का नेतत्व नामा ,
 
    बाबा साहिब - संविधान सम्पादन  भारत गणतंत्र नामा ,

    इंदिराजी का राष्ट्रीयकरण,श्वेतक्रांति हरित क्रांति नामा ,

    बांग्लादेश निर्माण ,पोखरण विस्फोट आपातकाल नामा ,

    राजीव गाँधी का आधुनिकीकरण कम्प्यूटरीकरण  बोफोर्स नामा

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