सोमवार, 29 अगस्त 2016

परिंदे नजर को आसमानी रख।-[gazal by -shriram tiwari]


परिंदे हौसला कायम रख ,उड़ान जारी रख,

हर इक निगाह तुझ पर है ,ध्यान ज्ञानी रख।

बुलंदियाँ  तेरी  हिम्मत  को  आजमाएँगीं,

परों में जान रख, नजर को आसमानी रख।

 परिंदे कई उड़े पहले , भटककर राह भूले ,

 लौटकर आये नहीं, याद उनकी निशानी रख।

 दहक़ता आसमाँ ,बादल घनेरे, अँधेरा घुप्प ,

 कौंधतीं  बिजलियाँ चमकें ,पुरुषत्व पानी रख।

 भेदकर धुंध के उस पार ,विहंगावलोकन कर ,

 सितारों से भी आगे जाना है ,तूँ रवानी रख ।


  श्रीराम तिवारी




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