समय ,मृत्यु और ईश्वर -मानवीय चेतना के मुँहताज हैं ।
पदार्थ ,चेतना और विचार ये तीनों जगत के सरताज हैं।।
वक्त मौत और ग्राहक -किसी का इन्तजार नहीं करते।
कर्ज ,फर्ज और मर्ज -समझदार लोग नहीं भूला करते ।।
माँ बाप जवानी - जीवन में किसीको दुबारा नहीं मिलते ।
कम खाने , गम खाने, नम जाने से असमय नहीं मरते ।

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