मैं जनता हूँ हर कोई कामना पूरी नहीं होती, खुदा से दरख्वास्त के बाद।
फिर भी खुवाहिश है कि 'इंकलाब' आजाये, कभी किसी आधी रात के बाद।।
इस सिस्टम में कराह सुनता हूँ स्वप्न में भी जब, कभी किसी मजलूम की,
मुठ्ठियाँ भिंच जातीं हैं ,पैर से ठोकर मारता हूँ ,दीवार को आधी रात के बाद।
इस सिस्टम में कराह सुनता हूँ स्वप्न में भी जब, कभी किसी मजलूम की,
मुठ्ठियाँ भिंच जातीं हैं ,पैर से ठोकर मारता हूँ ,दीवार को आधी रात के बाद।
कुछ लोग लड़ते हुए कुछ बिना लड़े ही 'शहीद' हो जाते हैं सीमाओं पर ,
राष्ट्र का सनातन शत्रु भी सीमाओं पर घात लगाये बैठा है आधी रात के बाद।
कभी- कभी संसद भंग की गयी अतीत में और स्थिगित किया गया संविधान,
थोप दिया गया देश पर जबरन स्याह आपातकाल आधी रात के बाद।
कभी सुनाया गया हुक्म 'नोटबंदी' का याने मौद्रिक सर्जिकल स्ट्राइक का,
देश के नवेले रहनुमाओं ने कर दिया ऎलान अचानक आधी रात के बाद।
जाने क्यों इस देश की रेलगाडियाँ अभिशप्त हैं और उतर जातीं हैं पटरी से ,
मर जाते हैं एक साथ सैकड़ों नर -नारी आबाल बृद्ध आधी रात के बाद।
जंगे आजादी का चुटकी भर प्रसाद भी नसीब नहीं हुआ मेहनतकशों को,
जिनके पूर्वजों की कुर्बानियों से मिली थी यह आजादी आधी रात के बाद।
श्रीराम तिवारी
राष्ट्र का सनातन शत्रु भी सीमाओं पर घात लगाये बैठा है आधी रात के बाद।
कभी- कभी संसद भंग की गयी अतीत में और स्थिगित किया गया संविधान,
थोप दिया गया देश पर जबरन स्याह आपातकाल आधी रात के बाद।
कभी सुनाया गया हुक्म 'नोटबंदी' का याने मौद्रिक सर्जिकल स्ट्राइक का,
देश के नवेले रहनुमाओं ने कर दिया ऎलान अचानक आधी रात के बाद।
जाने क्यों इस देश की रेलगाडियाँ अभिशप्त हैं और उतर जातीं हैं पटरी से ,
मर जाते हैं एक साथ सैकड़ों नर -नारी आबाल बृद्ध आधी रात के बाद।
जंगे आजादी का चुटकी भर प्रसाद भी नसीब नहीं हुआ मेहनतकशों को,
जिनके पूर्वजों की कुर्बानियों से मिली थी यह आजादी आधी रात के बाद।
श्रीराम तिवारी

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