skip to main
|
skip to sidebar
जनवादी काव्य
मंगलवार, 11 अक्टूबर 2016
असुरक्षित है आज ,वतन पर छाया संकट।। [Shriram Tiwari]
अमर शहीदों के ह्रदय ,होगा दुखद मलाल।
देश की सत्ता में घुसे ,रिश्वतखोर दलाल।।
रिश्वतखोर दलाल ,स्वार्थी कपटी लम्पट।
असुरक्षित है आज ,वतन पर छाया संकट।।
नागफाँस जातीय ,नस्ल मजहब का जहर।
पीकर नहीं हो सकता , कोई भी राष्ट्र अमर।।
श्रीराम तिवारी
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
फ़ॉलोअर
ब्लॉग आर्काइव
►
2018
(2)
►
जून
(2)
►
2017
(28)
►
दिसंबर
(1)
►
नवंबर
(1)
►
अक्टूबर
(1)
►
सितंबर
(4)
►
अगस्त
(4)
►
जुलाई
(2)
►
जून
(2)
►
अप्रैल
(3)
►
मार्च
(3)
►
फ़रवरी
(1)
►
जनवरी
(6)
▼
2016
(33)
►
दिसंबर
(3)
►
नवंबर
(3)
▼
अक्टूबर
(3)
असुरक्षित है आज ,वतन पर छाया संकट।। [Shriram Tiwari]
राजनीति और सत्ता ,जैसे लोकतंत्र की पाहूनी है। [shr...
अँधेरे के खिलाफ लड़ने के लिए,,,!
►
सितंबर
(1)
►
अगस्त
(7)
►
जुलाई
(2)
►
जून
(3)
►
मई
(5)
►
अप्रैल
(1)
►
मार्च
(5)
►
2012
(3)
►
जून
(2)
►
मई
(1)
मेरे बारे में
जनवादी कवि
my son Dr praveen tiwari working in the "liveindia"as an anchor and my daughter in law archana tiwari also working in the Zee news as an anchor.my wife is urmila tiwari & my daughter is anamika upadhyaay.my grand sons are akshat and chaitanya.
मेरा पूरा प्रोफ़ाइल देखें
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें