कानून की आँखों पर पट्टी और बंद कान हैं।
हत्यारा बेक़सूर सावित ,बजरंगी भाईजान हैं।।
बाल भी बांका नहीं हुआ उस दबंग हत्यारे का।
क्योंकि निर्लज्ज नंगे के ,सदा नौ ग्रह बलवान हैं।।
दुनियाँ में कहाँ ऐंसा सबका नसीब है साथियो?
क्या न्याय के पहरुए ऐंसे सब पै मेहरवान हैं ??
चिंकारों का कत्ल हो या फुटपाथियों की मौत।
ये तो हरी इच्छा प्रबल और भावी बलवान हैं।।
रुपया -रुतवा साधन शोहरत ईश्वर से बड़े है ।
वह गधा पहलवान, जिस पर खुदा मेहरवान हैं।।
-:श्रीराम तिवारी :-

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