शुक्रवार, 21 अप्रैल 2017


'सारे जहाँ से अच्छा ,हिन्दोस्ताँ हमारा ........' लिखने वाले अल्लामा मोहम्मद इकवाल साहब की पुण्य तिथि पर उनका हार्दिक अभिवादन!वेशक पाकिस्तान बनने पर ,वे भारत छोड़ गए! किन्तु उनकी धर्मनिरपेक्ष शायरी हमेशा 'हिंदी हैं हम वतन हैं हम और हिन्दोस्ताँ हमारा' का पैगाम युगों-युगों तक देती रहेगी !

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