सोमवार, 25 जून 2018

Dohe -muktak shriram tiwari

  • मानसून बागी हुआ, हुये किसान बैचेन।
    अच्छे दिन क्या खाक,घड़ी बिकट दिन-रेन।!
  • बिजली संकट बढ़ चला ,महँगाई की मार!
    जीएसटी के नाम पर लूट रही सरकार।!
  • सारे भारत में बढे,हिंसा रेप व्यभिचार।!
    काश्मीर में एक दिन, रुका न गोली बार।।
  • बिजली डीजल पैट्रोल, कीमत बढ़ी अपार।
    अच्छे दिन कब आएंगे ,जनता करे पुकार।।
  • वादों जुमलों का भरा ,जैसे मेला कुम्भ!
    जो सेवक थे राम के, हो गये शुंभ निशुंभ!!
  • श्रीराम तिवारी

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