- मानसून बागी हुआ, हुये किसान बैचेन।
अच्छे दिन क्या खाक,घड़ी बिकट दिन-रेन।! - बिजली संकट बढ़ चला ,महँगाई की मार!
जीएसटी के नाम पर लूट रही सरकार।! - सारे भारत में बढे,हिंसा रेप व्यभिचार।!
काश्मीर में एक दिन, रुका न गोली बार।। - बिजली डीजल पैट्रोल, कीमत बढ़ी अपार।
अच्छे दिन कब आएंगे ,जनता करे पुकार।। - वादों जुमलों का भरा ,जैसे मेला कुम्भ!
जो सेवक थे राम के, हो गये शुंभ निशुंभ!! - श्रीराम तिवारी
सोमवार, 25 जून 2018
Dohe -muktak shriram tiwari
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