बुधवार, 21 जून 2017

क्यों फूलों को खार बनाने पर आमादा हैं !

वो जो भारत के खिलाफ हथियार उठाने वाली है ।
वो जो कश्मीरी युवतियों को भड़काने वाली है ।।
वो वतनपरस्त नहीं अबला दुख्तराने हिन्द भी नहीं,
वो गद्दार पाकिस्तानी जनरलों की बदनाम साली है ।

जो शख्स अपने मजहब को देश से ऊपर रखता है।
जो सत्ता में होकर एक खास धर्म से रिस्ता रखता है।।
जो लोकतंत्र धर्मनिर्पेक्षता समाजवाद से बैर रखता है,
वो देशभक्त नहीं, शूरमा नहीं, शिखंडी सा लगता है।

क्यों लोग निरंतर फूलों को खार बनाने पर आमादा हैं !
क्यों किशोर -युवाओं को अंगार बनाने पर आमादा हैं!!
क्यों खेतों खलिहानों की पावन महकती सौंधी मिट्टी को,
धर्म जात मजहब की दरो दीवार बनाने पर आमादा हैं!

श्रीराम तिवारी




कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें